घीसू का पेपर चल रहा था। मैडम बहुत सख्त थी इसलिए नकल मारने का कोई मौका नहीं दे रही थी।  . . घीसू ने भी अपना दिमाग लड़ाया और एक पर्ची मैडम को थमा दी।  . . मैडम पूरे पेपर में कुर्सी पर से हिली भी नहीं। बच्चे खूब खुश हुए और सबने खूब नकल मारी।  बच्चों ने घीसू से पूछा- "अरे घीसू तने पर्ची में ऐसा के लिख दिया?  . . घीसू बोला- . . . मन्ने लिखा था "मैडम जी आपकी सलवार पीछे ते फटी हुई सै।