फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब संता ने दुकानदार से बड़ी स्क्रीन वाला 'नोकिया' फोन मांगा, वजह पूछने पर दिया मजेदार जवाब...

Sun, 03 Mar 2019 03:34 PM IST
पंखुड़ी सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
संता एक मोबाइल शाप मेँ गया…
विज्ञापन


संता:- Nokia का कोई बडे स्क्रीन वाला मोबाईल दिखाओ……!!

दुकानदार बंता सिंह Nokia का एक बडी स्क्रीन वाला मोबाइल दीखाता है.

संता:- मोबाइल उठाकर आँन करके कुछ देखता है फीर आफ कर के रख देता है,
और कहता है इससे भी बडी स्क्रीन वाला?

दुकानदार फिर उससे बडी स्क्रीन का मोबाईल दिखाता है.

संता:
मोबाईल उठाकर आँन करके कुछ देखता है और कहता है इससे भी बडी स्क्रीन वाला दिखाओ…

फिर दुकानदार सबसे बडी स्क्रीन बाला मोबाईल दिखाता है.

संता:
मोबाईल उठाकर देखता है और फिर वही बात कहता है…

दुकानदार(गुस्से मे)-: अब इससे बडी स्क्रीन का मोबाईल नही आता है…
वैसे तुम करोगे क्या इससे बडे स्क्रीन का मोबाईल लेकर…!!

संता:
कुछ नही यार…
बस यही देखना था कि NOKIA के मोबाईल आँन करने पर जो दो लोग हाथ मिलाते है वो हैँ कौन...

एक भैस की दर्द भरी दास्तान :-

बच्चा जब थोड़ा बड़ा होता है, दूध मेरा पीता है !
वो भी बोर्नविटा डाल डाल कर !
और निबंध लिखने के लिये दूसरे जानवर क्यों ??

यदि बच्चा लिख नहीं पाता,
तो बोलते है “काला अक्षर भैंस बराबर”
तो क्या दूसरे जानवर पोस्ट ग्रेजुएट हैं ??
यदि कोई गलती करे तो लोग कहते हैं “गयी भैंस पानी में”
अजी हमने क्या बिगाड़ा है ?
गलती कोई दूसरा करे और बदनामी हमारी होती है !!

हम भी अन्य सब जानवरों की तरह ही हैं !
फिर भी इतना ज्यादा भेद-भाव झेलते हैं !
ग : गाय
ब : बंदर
ऊ : ऊल्लू
पढाया जाता है, तो फ़िर
भ : भैंस
लिखने में आपका क्या जाता है ??

हमारा दूध पीकर हमसे ही गद्दारी !
कोईं औरत सीधी हो तो उसकी गाय से तुलना करते हो, और मोटी हो तो भैंस ??

हम पर जुल्म अलग !
यदि कोईं जंगली जानवर को मार दे, तो सजा दी जाती है !
और यदि हमको मार दे, तो कुछ नहीं !
उल्टा पूछते हैं “हमने कौन सा तुम्हारी भैंस मारी है”


 
और तो और यदि कोईं बीच रास्ते में खड़ा हो जाए,
तो कहते हो कि “क्या भैंस के जैसा खड़ा है”

हमारी मेजोरिटी के बारे में आप सब जानते हैं !
जिस दिन धरना प्रदर्शन कर देंगें,
होटलों से लेकर पाँच सितारा तक सब हिला के रख देंगें !!

हमारा केवल यही निवेदन है कि
हमें भी अन्य जानवरों जैसा ही मान सम्मान मिले !
हम पर फब्तियाँ कसना बंद हो !
अन्यथा,
दही, मावे की मिठाईयाँ, पनीर की सब्जियाँ, केशरिया दूध,
और भी सैकड़ों आयटम हैं,
सब भूल जाओ !!

आज का देर से आया विचार..

रोज़गार है तो सोमवार है,
वर्ना सातों दिन रविवार है…!
 
विज्ञापन

छुट्टी कै लाने आबेदन पत्र...

सेवा में, 
श्रीमान मास्साब, 
माध्मिक पाठशाला बुंदेलखंड, 

माहानुभव,
तो मस्साब ऐसो है कि दो दिना से चड़ रओ है जो बुखार और उपर से जा नाक बह रई सो अलग जई के मारे हम सकूल नई आ पाहे सो तमाए पाऊ पर के निवेदन आए कि दो-चार दिना की छुट्टी दे देते, तो बडो अछछो रहतो और अगर हम नई आये तो कोन सो तमाओ सकूल बंद हो जै। 

तुमाओ
आग्याकारी शिष्य,
“कलुआ”
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें