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अफीम, चरस, गांजा के शिकार हो रहे युवा : संजीव

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कहा, नशे के जाल में फंसकर लत से बाहर निकलना कठिन
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नशे की लत छुड़ाने के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में निशुल्क इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के सभागार में जिला स्तरीय अंतरराष्ट्रीय औषध दुरुपयोग दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसीजेएम अनीता शर्मा ने की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि औषध दुरुपयोग का अर्थ है कि जब कोई व्यक्ति बिना चिकित्सक की सलाह से किसी औषधि का इस तरह प्रयोग करता है जिससे न केवल उसे बल्कि दूसरों को भी नुकसान होता है। संयुक्त राष्ट्र की औषध एवं अपराध शाखा के अनुसार समस्त विश्व में 200 मिलियन लोग विभिन्न तरह के नशे जैसे अफीम, चरस, गांजा, कोकीन इत्यादि के शिकार हैं। भारत में करीब 10 लाख आधिकारिक तौर पर हेरोइन का प्रयोग करते हैं, जबकि वास्तविक संख्या करीब 50 लाख है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मनकोटिया ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी जल्द ही तनावग्रस्त हो जाती है। अपने दोस्तों की गलत संगत में आकर नशे का शिकार हो जाती है। नशे के जाल में फंसकर इस लत से बाहर निकलना कठिन हो जाता है। कई बार यह परिस्थिति असमय मृत्यु का कारण बन जाती है। बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में नशे की लत छुड़ाने के लिए ओएसटी केंद्र में निशुल्क इलाज किया जाता है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भाषण और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता करवाई गई। इसमें सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इसी दौरान उपस्थित स्टाफ को नशे से दूर रहने के लिए शपथ भी दिलाई गई।
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