ऊना। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से 100 मिलियन स्माइल अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन एंपावरमेंट एजुकेशन सेंटर चौकीमन्यार में किया गया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम ऊना की जिला समन्वयक मीनाक्षी ठाकुर ने विशेष तौर पर शिरकत की।
उन्होंने संस्थान के प्रशिक्षुओं को महिला सशक्तिकरण के बारे में जागरूक किया और महिलाओं को अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में सजग रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रधान संजय कुमार और संस्थान के एमडी अंकित कुमार विशेष तौर से मौजूद रहे। मीनाक्षी ठाकुर ने कहा कि सरकारों ने जहां आरक्षण महिलाओं के लिए दिया है, लेकिन राजनीतिक तौर पर ऊना जिले की महिलाएं मजबूत नजर नहीं आई हैं।
वहीं, राजनीतिक परिदृश्य पर नजर डाली जाए, तो ऊना जिला से आज कोई भी महिला विधायक नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मजबूत बनना होगा। किसी भी प्रकार का उत्पीड़न न सहने और अपनी सोच में बदलाव लाने के साथ ही बड़ी सोच रखने का आह्वान किया। कहा कि बहू-बेटी पढ़ी-लिखी होगी, तो वही परिवार जागरूक होगा। उन्होंने महिलाओं को अपनी ताकत को पहचानने और एक्टिव होकर स्वरोजगार के साथ जुड़कर आर्थिकी को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आने वाला दौर महिलाओं का है और महिला वर्तमान में किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। आज सबसे कम उम्र की भी महिला ग्राम पंचायत के प्रधान पद पर आसीन है। सबको अपने अधिकारों का पता होना चाहिए और जो महिलाओं के लिए सरकार की ओर से आर्थिक तौर पर सुदृढ़ करने के लिए योजनाएं चलाई गई हैं, उनका लाभ लेने का आह्वान किया।
उन्होंने महिलाओं को हर तरह की जानकारी के लिए अपडेट रहने का आह्वान किया और कहा कि इन दिनों बरसात का मौसम है और प्रत्येक युवा को अपने इस जीवन में एक पौधा हर मौसम में लगाने का आह्वान किया।
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श्रुति शर्मा का कहना है कि अमर उजाला के कार्यक्रम में शामिल होने से हौंसला बढ़ा है। अपनी बात रखने का अवसर मिला है।
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पूजा कुमारी का कहना है कि कार्यक्रमों से महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। सरकार की स्कीमों के बारे में जानकारी मिली है।
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पिंकी सोनी का कहना है कि अमर उजाला के कार्यक्रम से महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न के बारे में जानकारी मिली, ताकि उत्पीड़न को बढ़ने से रोका जा सके और जागरूक होकर आगे बढ़ सकें।
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तानिया चौधरी का कहना है कि स्वरोजगार के साथ जुड़कर महिलाएं अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकती हैं और कम ऋण पर ब्याज लेकर स्वरोजगार शुरू कर सकती हैं।
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मधु कुमारी का कहना है कि अमर उजाला के कार्यक्रम में महिलाओं को सशक्त करने और अपने अधिकारों के बारे में जागरूक होने की प्रेरणा मिली।
श्रुति।संवाद
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