संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। बैकुंठ चतुर्थी के पावन पर्व पर राधे श्याम मंदिर में महिलाओं ने आस्था और श्रद्धा से 365 दीपों को प्रज्वलित किया। इस विशेष धार्मिक आयोजन में महिलाओं ने पहले सोमभद्रा नदी में दीपक प्रवाहित कर पूजा की, फिर मंदिर में भगवान श्री विष्णु के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त करते हुए दीपों की भव्य दीपमालिका सजाई। यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव था बल्कि महिलाओं की भक्ति एकता और समाज में भाईचारे का प्रतीक भी बनकर उभरा। राधे श्याम मंदिर में इस धार्मिक आयोजन में महिलाओं ने पहले सोमभद्रा नदी में दीप प्रवाहित किए और इसके बाद मंदिर में 365 दीपों की दीपमालिका को सजाया। प्रत्येक दीप को एक दिन के प्रतीक के रूप में जलाया गया ताकि पूरे वर्षभर के अच्छे कार्यों और आशीर्वाद की कामना की जा सके। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सोनू ने इस दिन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बैकुंठ चतुर्थी का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन किए गए पुण्य कार्यों से भक्तों को विशेष आशीर्वाद मिलता है। स्थानीय भजन गायकों ने भगवान श्री विष्णु के भजनों से वातावरण को भक्ति और श्रद्धा से भर दिया। मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने मिलकर भगवान की पूजा की और हर ओर भक्ति के गीत गूंजते रहे।