बंगाणा/ऊना। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम का आयोजन आर्य पब्लिक स्कूल बंगाणा में किया गया। इसमें महिला आयोग की सदस्य इंदु बाला ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल मुख्य अध्यापिका सीमा शर्मा ने की।
मुख्य अतिथि इंदु बाला ने बच्चों को महिला सशक्तीकरण की बात पर बल देते हुए कहा कि समाज को सशक्त बनाने में महिला एक मजबूत पिल्लर है। महिलाएं सुंदर होने के साथ दिल से भी सुंदर होती है, तभी संसार को सुंदर बनाती हैं। मनुष्य में हीन भावना नहीं होनी चाहिए। धर्म से ऊपर उठकर आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि विश्वास को मजबूत करना है। 100 बार पठन पाठन करना है। मोबाइल रील बनाने से बचना है और पढ़ाई पर अपना पूरा ध्यान केंद्रीत करना है। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न के प्रति जागरूक करने के लिए एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया और बताया कि समाज में महिलाओं की क्या मुख्य भूमिका है और वर्तमान का समाज में परिवेश को बदलने में महिलाओं की अहम भूमिका होती है और महिला प्रधान समाज के दौर की शुरुआत हो गई है। इस अवसर पर बच्चों के साथ विभिन्न बातों को लेकर खुलकर संवाद भी हुआ और बच्चों ने अपने विचार भी रखे और सवालों का समाधान भी जाना। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधक जोगिंदर देव आर्य, सीमा, नीलम, नरेश, सीमा निरंकारी, सोनिया, नीना, समिता, चेतन, सोमदत्त, रीना, अंजु, ममता, तृप्ता, निशा नेहा, पंकज समेत अन्य मौजूद रहे।
दिव्यांका का कहना है कि कार्यक्रम से समाज में कुरीतियों को दूर करने की प्रेरणा मिली और लड़कियों का पढ़ा-लिखा होना जरूरी है। कोई भी घटना घटित हो तो इस बारे में अभिभावकों को अवश्य बताना चाहिए।
राधिका शर्मा का कहना है कि भेदभाव को कम करने के लिए एकजुट होकर आगे आने की प्रेरणा मिली और मनोबल भी बढ़ा है। कार्यक्रमों से बच्चों में हौंसला बढ़ता है।
धैर्वी का कहना है कि समाज में अगर कुछ भी गलत हो रहा है तो उसे सहना नहीं चाहिए, बल्कि बड़ों को सूचित करना चाहिए, ताकि अपराध को बढ़ने से रोका जा सके। कार्यक्रम में बहुत कुछ सीखने को मिला।
ऋषि राणा का कहना है कि कार्यक्रम से महिलाओं का सम्मान करने की शिक्षा मिली है और कार्यक्रम से प्रण लिया है कि वह समाज में महिलाओं का सम्मान करेंगे और घर में भी अपनी माता का हाथ बटाउंगा।
उन्नति शर्मा ने कहा कि लड़कियों को अपने ऊपर विश्वास रखना चाहिए। किसी से भी नहीं डरना चाहिए। कार्यक्रम से सीख मिली कि समाज में जो भी घटनाएं लड़कियों के साथ घटित हो रही हैं, उनका डटकर सामना करना चाहिए।
रोहन का कहना है कि कार्यक्रम से यह जानकारी मिली कि हमें किसी से भी जातपात के नाम पर भेदभाव नहीं करना चाहिए और किसी के साथ भी अगर गलत हो रहा है तो सहन नहीं करना चाहिए, बल्कि बड़ों को सूचित करना चाहिए।
मुख्याध्यापिका सीमा शर्मा का कहना है कि अन्याय नहीं सहना है। अमर उजाला फाउंडेशन के कार्यक्रम से बच्चों को बहुत कुछ सीखने को मिला। इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों का हौंसला बढ़ता है और अब महिला प्रधान समाज का दौर आ गया है। हर क्षेत्र में महिलाएं आगे हैं। लड़कियों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। कार्यक्रमों से बच्चों में जागरूकता आती है और बच्चों को बहुत सहयोग मिलता है। यह कार्यक्रम सरहनीय है, जिससे समाज में लोगों की सोच में बदलाव आता है।
महिला आयोग की सदस्य इंदुबाला का कहना है कि अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम से समाज में बदलाव आ रहा है। लोग जागरूक हो रहे हैं। ज्ञान के जरिए से ही सोच में बदलाव आता है। शिक्षा ही समाज में बदलाव का एक माध्यम है। उन्होंने कहा कि विश्वास को मजबूत करना है। समाज में फैली कुरीतियों को दूर करना है। समानता की भावना से सबको एक समान मानना है। भेदभाव नहीं करना है। मातृ भूमि की सेवा करने के लिए देशभक्ति की भावना सबमें होनी चाहिए। यह कार्यक्रम समाज में बदलाव लाने के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। ऐसे कार्यक्रमों से ही विचारों में बदलाव आता है।
रोहन
रोहन
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