बीते दिनों तेज हवाओं और बारिश के बीच खेतों में गिर गई थी फसल
जिला में इस बार मौसम की मार के कारण घट सकती है गेहूं की पैदावार
जमीन पर बिछी फसल का दाना नहीं हो पाएगा पूरा विकसित
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में करीब 10 दिन पहले तेज हवाओं और बारिश से गेहूं की फसल को विभिन्न क्षेत्रों में नुकसान हुआ है। कृषि विभाग की ओर से किए सर्वेक्षण के अनुसार जिलेभर में करीब 5000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल खराब हो चुकी है। खेतों में गेहूं की फसल तेज हवाओं की चपेट में आने से गिर चुकी है, लेकिन अधिकतर फसल बारिश के बाद धूप खिलने से बेहतर स्थिति में आ चुकी है।
जानकारी के अनुसार जिले में करीब 35000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल तैयार की जाती है। छह मास में तैयार होने वाली इस फसल की इस वर्ष वृद्धि शानदार तरीके से हुई। गैरसिंचित इलाकों में भी बारिश समय-समय पर होने के बाद गेहूं की फसल उम्मीद मुताबिक तैयार हुई, लेकिन मार्च माह के अंतिम दिनों में अचानक खराब हुए मौसम के कारण गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। वर्तमान में गेहूं की फसल को दाना पड़ चुका है, जिससे पौधे का ऊपरी हिस्सा अधिक वजन वाला है। ऐसे में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के फसल के गिर जाती है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो मौसम के कारण जिले के हरोली, बंगाणा, चिंतपूर्णी और गगरेट सहित अन्य इलाकों में फसल प्रभावित हुई है, जिससे पैदावार पर असर हो सकता है।
सुनहरा होने लगा फसल का रंग
वर्तमान में खिल रही तीखी धूप के बीच गेहूं की फसल का रंग सुनहरा होने लगा है। किसानों में विनोद कुमार, अमित सैनी, गुरबाज सिंह, रविंद्र कुमार, लखनपाल का कहना है कि गेहूं की कटाई अप्रैल के अंतिम दिनों में शुरू होगी। कहा कि इस वर्ष बारिश फसल के लिहाज से पर्याप्त हुई। हालांकि शुरुआती दिनों में बारिश के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
कोट्स
गेहूं की फसल को कुछ क्षेत्रों में नुकसान हुआ है। जिन इलाकों में फसल खेतों में बिछी थी, वहां धूप खिलने के बाद स्थिति में सुधार आया है। मौसम साफ रहने पर गेहूं की फसल को नुकसान का डर कम है। हालांकि दाने के आकार में अंतर देखने को मिल सकता है, लेकिन कुल मिलाकर पैदावार अधिक प्रभावित नहीं होगी।
कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग