नंगल के बरारी गांव में सतलुज नदी में छोड़े गए पानी के तेज बहाव से बहा अस्थायी पुल। संवाद
नंगल। नंगल डैम से सतलुज नदी में सहयोगी राज्यों की पानी की मांग को पूरा करने के लिए शुक्रवार से पानी छोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। बीबीएमबी वाटर रेगुलेशन विभाग ने साफ किया है कि पानी छोड़ने की खबर से लाेग घबराएं नहीं, यह विभाग की निगरानी में छोड़ा जा रहा है।
बीबीएमबी के वाटर रेगुलेशन विभाग के डायरेक्टर जेपी सिंह ने बताया कि शुक्रवार दोपहर से नंगल डैम से सतलुज दरिया में पानी छोड़ा गया है। इसमें दहशत जैसा कुछ नहीं है, क्योंकि यह पानी सहयोगी राज्यों की पानी की मांग को पूरा करने के लिए छोड़ा जा रहा है। यह बाढ़ का पानी नहीं है। उन्होंने साफ किया कि पंजाब में जीरे के फसल की बुआई चल रही है। इसीलिए राज्य की मांग के अनुसार नंगल डैम से सतलुज दरिया में शुक्रवार दोपहर लगभग दो बजे मात्र पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी भी एकदम नहीं छोड़ा गया है, बल्कि हर घंटे 300-300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि अगर पंजाब में भरपूर बरसात हो जाती है तो इस निर्णय को वापस भी लिया जा सकता है। कहा कि इससे पहले विभाग ने नंगल हाइडल और श्री आंनदपुर साहिब हाइडल को पानी से भर दिया है। नंगल नहर में 12350, श्री आंनदपुर साहिब हाइडल नहर में 10150 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा डैम का जलस्तर शुक्रवार को 1,580 फीट दर्ज किया। जो बीते वर्ष से 17 फीट अधिक है। उन्होंने प्रदेश और जिला रूपनगर के लोगों से दहशत में न आने और न दहशत फैलाने की अपील की है।
बता दें कि नंगल के गांव बरारी में सतलुज नदी पर अस्थायी पुल बनाया गया था। ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके। ऊना जिले से भी काफी संख्या में इस पुल से गुजरकर वाहन चंडीगढ़ की तरफ रवाना होते थे।