संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। मां चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए मास्टर प्लान के तहत योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है ताकि इस धार्मिक नगरी को विश्व पर्यटक मानचित्र पर अंकित किया जा सके। यह जानकारी मंदिर न्यास चिंतपूर्णी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त राघव शर्मा ने बुधवार को आयोजित बैठक के दौरान दी।
उपायुक्त ने बताया कि मास्टर प्लान के तहत किए जाने वाले सभी कार्य एक साल के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। चिंतपूर्णी में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए माधो का टीला नामक स्थान पर 1.84 करोड़ रुपये की लागत से एक सामुदायिक भवन, बैठने के लिए खुला मैदान और शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। चिंतपूर्णी के पुराना बस अड्डे पर 1.38 करोड़ की लागत से प्रतीक्षालय, एक बड़ा हाल, शौचालय ब्लॉक और जूता घर के अलावा पीने के पानी की भी बेहतर व्यवस्था की जा रही है। बैठक में एएसपी प्रवीण धीमान, सीएमओ डॉ. मंजू बहल, कार्यकारी एसडीएम अंब चिराग शर्मा, मंदिर अधिकारी चिंतपूर्णी बलवंत पटियाल व अन्य मौजूद रहे।
स्मार्ट एलईडी स्क्रीन के माध्यम से मिलेगी महत्वपूर्ण सूचनाएं
उपायुक्त ने बताया कि मुबारिकपुर से चिंतपूर्णी मुख्य सड़क मार्ग के विभिन्न स्थानों पर आधुनिक तकनीक की बड़े आकार की स्मार्ट एलईडी स्क्रीनें लगाई जाएंगी। इनमें आने वाले श्रद्धालुओं को महत्वपूर्ण सूचनाओं के साथ चिंतपूर्णी मंदिर इतिहास के विषय में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी।
दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलेंगे ई-वाहन
उपायुक्त ने बताया कि चिंतपूर्णी में बाबा माई सदन से चिंतपूर्णी मंदिर परिसर तक दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों की आवाजाही के लिए मंदिर न्यास की ओर से ई-वाहनों का संचालन किया जाएगा। इससे चलने फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं को माता चिंतपूर्णी के सुविधाजनक दर्शन हो सकें। मंदिर परिसर में सीमावर्ती क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के लिए चिंतपूर्णी क्षेत्र में बिजली तारों को केबल में परिवर्तित कर सु-व्यवस्थित किया जाएगा।
भव्य स्वागत द्वार बनाए जाएंगे
उपायुक्त ने बताया कि शंभू बैरियर और माई सदन के समीप भव्य स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। चिंतपूर्णी में दर्शन के लिए पैदल और दंडवत होकर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लोक निर्माण विभाग और एनएच के माध्यम से योजना बनाई जा रही है। मंदिर न्यास चिंतपूर्णी की ओर से बाबा माई दास सदन में एक बड़ी क्षमता का सोलर पावर संयंत्र स्थापित किया जाएगा ताकि भविष्य में बिजली बिल को कम किया जा सके।