अंब(ऊना)। शिक्षा खंड अंब के अंतर्गत गांव नलोह के राजकीय प्राथमिक विद्यालय को बंद किए जाने की घोषणा पर स्थानीय निवासियों ने रोष प्रकट किया है। नलोह निवासी विजय शर्मा, संदीप शर्मा, विवेकशील शर्मा, निर्मल शर्मा, गणेश दत्त, तरसेम लाल, प्रीतम चंद, सुमन शर्मा, रामप्यारी, बीना शर्मा और रक्षा देवी का कहना है कि साल 1965 में शुरू हुए प्राइमरी स्कूल को बंद करने के फरमान जारी किए गए हैं। 1965 से लगातार चल रहे इस स्कूल से इस गांव के सैकड़ों छात्र-छात्राएं आज महत्वपूर्ण पदों पर काम कर रहे हैं और कई सेवानिवृत भी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि हिमाचल सरकार और शिक्षा विभाग की गलत नीतियों के कारण ही ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है। अगर स्कूल में बच्चों के पंजीकरण का रिकॉर्ड खंगाला जाए, तो आज तक के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि बच्चों की संख्या पांच से कम है। हालांकि मार्च 2024 को खत्म हुए सेशन में भी बच्चों की संख्या नौ थी।
उन्हाेंने कहा कि एक तरफ तो सरकार स्कूलों में इंग्लिश मीडियम लागू करने जा रही है और यहां तक कि पहली कक्षा और दूसरी कक्षा के लिए स्कूलों में इंग्लिश मीडियम की किताबें भी आ चुकी हैं और नर्सरी सिस्टम को चालू करने की तैयारी है। फिर इन स्कूलों को बंद करने का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि स्कूल के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए पांच किलोमीटर दूर प्राइमरी स्कूल मैड़ी में कैसे जाएंगे और जाएंगे तो उनको लाने और ले जाने की क्या व्यवस्था रहेगी।
उधर, शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोमलाल धीमान ने कहा कि सरकार और विभाग के दिशा निर्देश से कुछ स्कूल बंद करने का फैसला आया है। उसी पर कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।