गाँव बढेडा में राष्ट्रीय डेंगू दिवस के उपलक्ष्य पर जिला स्तरीय जागरुकता कार्यक्रम में मौजूद स्व
ऊना। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बढेड़ा में राष्ट्रीय डेंगू दिवस के मौके पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य शिक्षक गोपाल कृष्ण ने जानकारी देते हुए बताया कि डेंगू एडीज इजिप्टी मादा संक्रमित मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर खड़े पानी में प्रजनन करता है तथा दिन के समय काटता है। डेंगू होने पर रोगी को तेज बुखार, सिर दर्द, बदन में दर्द, आखों के पीछे दर्द, कई बार नाक से और अमाशय से रक्त का स्राव हो जाता है, जो कि खतरनाक हो सकता है। डेंगू होने पर रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है। अगर किसी भी व्यक्ति में ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत जांच करवाएं। जिला में डेंगू का इलाज और उपचार सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निशुल्क उपलब्ध है। इस अवसर पर समन्वयक कंचन माला ने बताया कि डेंगू में मरीज को अधिक बुखार आता है। सप्ताह में एक बार कूलर तथा पानी की टंकी को खाली करके साफ करना चाहिए। ज्यादा दिनों तक पानी इकठ्ठा न होने दें। डेंगू होने पर बुखार उतारने के लिए चिकित्सक की सलाह के बिना कोई दवाई न लें। इस कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी वंदना, अशोक कुमार हरोली ब्लॉक की आशा अध्यक्ष सुनीता देवी सहित खंड हरोली के विभिन्न गांवों, जिनमें बढेडा, पंजावर, खड्ड, पंडोगा, धर्मपुर, सैंसोवाल, काँगड़ व अन्य गांवों के लोग मौजूद रहे।