ऊना। उपायुक्त जतिन लाल ने जिलावासियों से टीबी मुक्त ऊना बनाने में सक्रिय सहयोगी बनने की अपील की है। उपायुक्त बुधवार को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में आयोजित जिला क्षयरोग उन्मूलन समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि टीआईआईएफए प्रोजेक्ट के तहत खांसी के मरीजों, जो निजी डॉक्टरों या मेडिकल स्टोर से कफ सिरप ले रहे हैं, उनका डाटा क्षय रोग मुक्त हिमाचल एप पर अपलोड किया जाएगा, ताकि संभावित रोगियों की पहचान कर समय रहते उनकी जांच और इलाज किया जा सके। इससे मृत्यु दर पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि जिन क्षय रोगियों को पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है, उन्हें रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।
बैठक में जनवरी 2024 से अगस्त 2024 तक क्षय रोग उन्मूलन को लेकर किए गए कार्यों पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने बताया कि जिले में 561 टीबी रोगियों में से 322 को निक्षय मित्रों के माध्यम से पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। उपायुक्त ने बताया कि जिले में व्यस्क बीसीजी टीकाकरण के लिए 41361 वयस्कों को चिन्हित किया गया है, जिनमें 36,486 का अब तक टीकाकरण हो चुका है। जिला पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए कि 2 अक्तूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभा बैठकों में स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों के जरिए क्षय रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। इस दौरान उपायुक्त ने निक्षय मित्रों को विशेष रूप से सम्मानित भी किया।
ये रहे मौजूद
बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष नीलम कुमारी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मनकोटिया, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुखदीप सिंह सिद्धू, स्वां वीमेन फेडरेशन के मुख्य सलाहकार राजेश शर्मा, चेयरमैन पीर निगाह मंदिर कमेटी शशि देवी, बाबा बाल जी महाराज मंदिर की ओर से अश्वनी कुमार, बाबा रूद्रानंद कमेटी की ओर से राम कुमार, जीनत महंत गगरेट, सुनील जोशी नेस्ले इंडस्ट्री, लिव फ़ास्ट गगरेट, जिला पंचायत अधिकारी नीलम कटोच, डॉ. राजीव गर्ग, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. शिंगारा सिंह, अखिल शर्मा मेनेजर इंडस्ट्री, डॉ. अशोक कुमार, गुलशन कुमार, संदीप धीर, राकेश कुमार, रीता देवी सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।