संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश सरकार का चिकित्सकों को मिलने वाले नॉन प्रेक्ट्सि अलाउंस (एनपीए) बंद करने के विरोध में क्षेत्रीय अस्पताल के डॉक्टरों ने विरोध जताया। इस दौरान डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर अस्पताल में सेवाएं दीं। चिकित्सकों ने बताया कि सरकार की तरफ से एनपीए बंद करने का फैसला उचित नहीं है।
इस पर सरकार को दोबारा विचार करना चाहिए। प्रदेशभर में इस फैसले को लेकर विरोध हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर इस पर जल्द कोई फैसला नहीं लेती है, तो चिकित्सक पेन डाउन स्ट्राइक करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। शनिवार को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के महासचिव डॉ. पियुष नंदा के नेतृत्व में चिकित्सकों ने काली पट्टियां बांधकर विरोध जताया। चिकित्सकों ने प्रदेश सरकार से निर्णय को बदलने की अपील की है।
इस मौके पर चिकित्सकों ने एकत्रित होकर आगामी रणनीति भी तैयार की। संघ के सदस्य डॉ. विकास चौहान ने बताया कि प्रदेश सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। सरकारी सेवाओं में कार्यरत चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस से रोकने के लिए ही एनपीए दिया जा रहा था। लेकिन अब एनपीए के बंद होने से चिकित्सकों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। चिकित्सकों ने कहा कि सरकार ने एनपीएस बंद करने का जो निर्णय लिया है। इससे आने वाले दिनों में मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। इससे सरकारी चिकित्सकों की सेवाएं प्रभावित हो सकती है। इस मौके पर संघ के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।