गर्भवती महिलाओं को झेलनी पड़ रही परेशानी
मशीन स्थापित करने की प्रक्रिया पांच माह से नहीं हो रही पूरी
बजट आवंटन के बावजूद नहीं हो पा रही सुविधा की शुरुआत
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। बंगाणा के नागरिक अस्पताल में पिछले एक वर्ष से अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अब तक मशीन स्थापित नहीं हो पाई है। इससे विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए या तो क्षेत्रीय अस्पतालों का रुख करना पड़ता है या फिर निजी डायग्नोस्टिक सेंटर्स पर निर्भर रहना पड़ता है।स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के प्रयासों के बावजूद अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा की अनुपलब्धता से क्षेत्र की हजारों की आबादी प्रभावित हो रही है। चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट की ओर से मशीन के लिए बजट भी उपलब्ध करवाया जा चुका है, फिर भी सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। सबसे अधिक समस्या उन लोगों को हो रही है जो दूरदराज के क्षेत्रों से आते हैं और जिनके पास निजी अस्पतालों तक पहुंचने के साधन नहीं हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में भी मरीजों की अधिकता के चलते अल्ट्रासाउंड करवाने में लंबा समय लग जाता है। इसके बाद रिपोर्ट दिखाने के लिए दोबारा बंगाणा अस्पताल आना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने के उद्देश्य से बंगाणा अस्पताल के एक चिकित्सक को टांडा मेडिकल कॉलेज में विशेष प्रशिक्षण भी दिलाया गया है। अब केवल मशीन की स्थापना का इंतजार है।
बंगाणा अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रिया जारी है। उम्मीद है कि आगामी माह तक मशीन स्थापित कर दी जाएगी।
- डॉ. नरेश कुमार, खंड चिकित्सा अधिकारी, थानाकलां