ऊना। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के डॉक्टर द्वारा मरीज की दवाई लिखी पर्ची खराब करने के मामले पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में दवाई माफिया का जंजाल इस कदर फैल चुका है कि लोगों को महंगी दवाइयां लेने पर मजबूर किया जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग चार साल से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में दवाई माफिया इस कदर हावी हो चुका है कि नेताओं को भी उसकी कमीशन जा रही है। उन्होंने कहा कि जनकौर के एक मरीज को डॉक्टर दवाई लिखता है और वह मरीज 650 रुपये में दवाई लेकर बाजार से आता है तो डॉक्टर यह देखकर उसकी पर्ची को खराब कर देता है कि जिस दुकान से उसने दवाई लेने को कहा था, मरीज ने वहां से दवाई नहीं खरीदी। उन्होंने कहा कि जिस दुकान से मरीज को दवाई लेने के लिए निर्देश दिया गया था, वहां वही दवाई 1450 रुपये में थी। उन्होंने कहा कि यदि कीमत का इतना भारी अंतर है तो यह बात अपने आप सिद्ध हो जाती है कि क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में दवाइयां के कमीशन का खेल किस हद तक हावी हो चुका है। इस मामले को विधानसभा में भी उठाएंगे और प्रदेश सरकार से जवाब मांगा जाएगा कि आखिर किसके इशारे पर ऊना जिला में दवाई माफिया इतने बड़े पैमाने पर फल फूल रहा है।