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Una News: चिंतपूर्णी दरबार में रोपवे के विरोध में व्यापारियों ने निकाली रैली

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रोपवे के विरोध में बंद चिंतपूर्णी बाजार में प्रदर्शन करते लोग व दुकानदार।संवाद
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चिंतपूर्णी/भरवाईं (ऊना)। विश्व प्रसिद्ध मां चिंतपूर्णी दरबार में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोपवे का निर्माण करने से पहले ही इसका विरोध शुरू हो गया है। चिंतपूर्णी संयुक्त व्यापार मंडल, व्यापारी होटल एसोसिएशन, टैक्सी यूनियन एवं आसपास की पंचायत के प्रतिनिधियों ने चिंतपूर्णी में रोपवे बनाने का कड़ा विरोध किया। सभी ने इसके खिलाफ गेट नंबर-3 से बाबा माईंदास सदन तक रैली भी निकाली। रैली में संयुक्त व्यापार मोर्चा ने रोपवे और गोल्फ कोर्ट के खिलाफ अपना विरोध जताया। आसपास की पंचायत के तथा चिंतपूर्णी के 1500 से अधिक लोग अपना विरोध जताने पहुंचे। इसमें व्यापार मंडल होटल एसोसिएशन, बारीदार सभा तथा पुजारियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि बाबा माईंदास सदन से मंदिर मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में यहां रोपवे लगाना उचित नहीं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पहले श्रद्धालुओं को 1100 रुपये लेकर दर्शन करवाने का, इसके बाद गोल्फ कार्ट चलाकर स्थानीय दुकानदारों की रोजी रोटी से खिलवाड़ किया है। अब रोपवे लगाकर दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह समाप्त करने पर सरकार और प्रशासन तुला हुआ है। यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए उन्हें भविष्य में उग्र प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
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उन्होंने कहा कि इससे पहले सरकार को पत्राचार तथा अखबारों के माध्यम से संदेश दिया गया कि चिंतपूर्णी में रोपवे की कोई आवश्यकता नहीं है। लेकिन सरकार और प्रशासन ने किसी की नहीं सुनी। इस कारण उन्हें मजबूर होकर रैली के माध्यम से प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनका यह प्रदर्शन राजनीति से प्रेरित नहीं है। लेकिन सरकार और प्रशासन को जगाने के लिए यह रैली का आयोजन किया गया। हालांकि रैली में राजनीति की कोई झलक देखने को नहीं मिली। व्यापारी वर्ग ने अपने हितों की रक्षा करने के लिए रैली के माध्यम से सरकार को संदेश पहुंचाने का प्रयास किया है।

होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव शर्मा का कहना है कि होटल आने वाले वाहनों को बंद किए जाने से होटल इंडस्ट्री को काफी नुकसान हो रहा। संजीव शर्मा ने कहा कि आसपास के गांव को जाने के लिए एकमात्र रास्ता है। इसे बंद कर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व ट्रस्टी निरंजन कालिया का कहना है कि रोपवे को यदि स्थापित करना ही है तो यह किन्नू से भरवाईं या भरवाईं से सदन तक लगाया जाए।
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मंदिर के विस्तारीकरण को मिले प्राथमिकता

ग्राम पंचायत प्रधान शशि बाला तथा ऐश्वर्य शर्मा ने संयुक्त बयान में कहा कि सरकार और प्रशासन को लोगों के हितों के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिंतपूर्णी मंदिर के विस्तारीकरण को प्राथमिकता देनी चाहिए। रोपवे की व्यवस्था उचित नहीं है। पूर्व प्रधान विनोद कुमार ने कहा कि मंदिर में दर्शन करने के लिए एक लाइन में 1100 रुपये देकर दर्शन करने वालों की और दूसरी लाइन में रोपवे से आने वाले श्रद्धालुओं की लग जाएगी। ऐसे में मुख्य बाजार में जो आम श्रद्धालु है, उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इस अवसर पर चिंतपूर्णी के प्रमुख व्यापारी विक्रांत, सतीश कालिया, महावीर कालिया, कुंदन गर्ग, शक्ति शर्मा, अजय रतन, संजीव रतन के अलावा गांव की काफी महिलाएं भी रैली में शामिल हुई।
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