संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। परंपरागत खेती को छोड़कर किसान नगदी फसलों का रुख कर अधिक मुनाफा कमा सकें, इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कृषि विभाग के गगरेट स्थित कार्यालय की ओर से तीस किसानों को सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय के अकरोट स्थित कृषि अनुसंधान उपकेंद्र का दौरा किया। इस दौरान नगदी फसलों की उन्नत तकनीक से अवगत करवाया। कृषि विभाग के गगरेट में कार्यरत विषयवाद विशेषज्ञ डाॅ. नवदीप कौंडल, कृषि प्रसार अधिकारी डाॅ. ममता के नेतृत्व में गए किसानों के दल ने ट्रांसफर ऑफ टेक्नालॉजी के तहत चना, सरसों, मटर, गोभी और मसूर के बीज उत्पादन की उन्नत तकनीक का भी अवलोकन किया। कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सौरभ शर्मा ने किसानों को प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल खेती, बदलते मौसम के बारे में कृषि क्रियाएं, खरपतवार प्रबंधन, जल प्रबंधन और सब्जियों के उत्पादन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। विषयवाद विशेषज्ञ डाॅ. नवदीप कौंडल ने कहा कि किसान परंपरागत खेती की विधि को छोड़कर प्राकृतिक खेती की ओर ध्यान दें तो वे ज्यादा लाभ अर्जित कर सकते हैं। वर्तमान समय में लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा जागरूक हैं और लोग खाने में मोटे अनाज के साथ जैविक खाद्य पदार्थों को तरजीह दे रहे हैं। वर्तमान समय में किसान सिर्फ परंपरागत तरीके से दो फसलें ही ले रहे हैं। अगर किसान फसल विविधिकरण की ओर ध्यान दें और नगदी फसलों की ओर मुड़ें तो ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। इसलिए किसानों को कृषि अनुसंधान केंद्र का दौरा करवाया गया