ऊना। विधानसभा क्षेत्र कुटलैहड़ के घरवासड़ा से संबंध रखने वाले 28 वर्षीय दिलवर खान श्रीनगर में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में बलिदान हो गए हैं। दिलवर खान के बारे में परिजनों को सारा दिन यही सूचना मिलती रही कि उन्हें मुठभेड़ में गोली लगी है। मगर देररात को जैसे ही बलिदान होने का पता चला तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
दिलवर खान की पत्नी जमीलो बीबी, माता पोलां बीबी और पांच साल के बेटे जुनैज का रो-रो कर बुरा हाल है, जबकि पिता स्तब्ध रह गए हैं। दिलवर खान दो महीने पहले ही छुट्टी काटकर ड्यूटी पर गए था। वह अपने परिवार में माता-पिता का सबसे छोटा बेटा था। उनका बड़ा भाई विजय मोहम्मद दिहाड़ी मजदूरी करता है। दिलवर के सेना में जाने से पहले परिवार में माता-पिता भी दिहाड़ी मजदूरी करके अपना जीवन गुजर बसर कर रहे थे।
दिलवर खान के आर्मी में भर्ती होने के बाद परिवार को भले ही गरीबी से कुछ राहत मिली थी। दिलवर खान का पांच साल का बेटा जुनैज भी दो महीने पहले गोद में खेलकूद था और दोबारा पिता के वापस आने का सपना आंखों में लिए बैठा था। मगर बुधवार की तड़के दिलवर खान श्रीनगर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए बलिदान हो गए।
वीरवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ बलिदानी दिलवर खान का जिला प्रशासन और सैनिक कल्याण विभाग की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया जाएगा। संवाद