फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: मशरूम की जैविक खेती से ठठल की महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

विज्ञापन
विज्ञापन
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पेश की मिसाल
विज्ञापन

ठठल ग्राम संगठन की महिलाएं बनीं प्रेरणा स्रोत
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदपुर (ऊना)। ग्राम संगठन उन्नति पथ की महिलाओं ने अपनी मेहनत और लग्न से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। मशरूम की जैविक खेती से न केवल उन्होंने खुद को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गईं। पिछले साल सितंबर में हॉर्टिकल्चर विभाग के संजय कुमार की ओर से ठठल गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में मशरूम उत्पादन की ट्रेनिंग दी गई थी। इस प्रशिक्षण में 35 महिलाओं ने भाग लिया, लेकिन उनमें से कुछ चुनिंदा महिलाओं ने इसे बड़े स्तर पर शुरू कर दिखाया। स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष अनीता देवी, सचिव मधु बाला, सदस्य ममता देवी, सुरेखा देवी, अनु बाला और निर्मला देवी ने मिलकर मशरूम उत्पादन शुरू किया। शुरुआत में करीब 8000 का खर्च आया, लेकिन अब यह महिलाएं रोजाना 1500 तक की कमाई कर रही हैं। अध्यक्ष अनीता देवी ने बताया कि ग्राम पंचायत ठठल ने इस अभियान में उनका पूरा सहयोग किया और उन्हें पंचायत घर में कमरा मुहैया करवाया। इससे उन्हें काम करने में कोई परेशानी न हो। प्रधान अमन ज्योति, उपप्रधान रोहित बाली और सचिव ने भी इस प्रयास में मदद की। प्रधान अमन ज्योति ने कहा कि यह पूरी मेहनत इन महिलाओं की है। हमने तो केवल मदद की है। हम आगे भी हर संभव सहायता के लिए तैयार हैं और गांव में निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का प्रयास करेंगे, ताकि अन्य महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकें। महिलाओं को पहली मशरूम की फसल में करीब 40 किलो उत्पादन मिला, जो काफी अच्छा माना जा रहा है। विशेष बैग में सही तापमान देकर मशरूम तैयार किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत अब इस योजना को और विस्तार देने की सोच रही है। जल्द ही गांव में अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित कर इस उद्यम को बढ़ाया जाएगा। उन्नति पथ की ये महिलाएं साबित कर रही हैं कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से आत्मनिर्भरता की राह आसान हो सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें