संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। गगरेट क्षेत्र के अमलैहड़ में श्री रामचरितमानस रामायण कथा भक्ति ज्ञान महायज्ञ के तीसरे दिन कथा व्यास पंडित अंकुश शर्मा ने भक्तों को भगवान श्रीराम की लीलाओं का रसपान कराया। उन्होंने राम-सीता स्वयंवर प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीराम ने शिव धनुष तोड़कर माता सीता का स्वयंवर जीता और जनकपुरी में आनंद की लहर दौड़ गई। कथा के दौरान पंडाल का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रहा। श्रद्धालु जय श्रीराम के जयघोष करते हुए प्रभु के चरित्र में लीन हो गए। पंडित अंकुश शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा, आदर्श और धर्मनिष्ठा के प्रतीक हैं। रामायण केवल कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन का व्यावहारिक मार्गदर्शन है, जो हर व्यक्ति को अपने कर्म और आचरण से समाज में श्रेष्ठता स्थापित करने की प्रेरणा देता है।