घनारी (ऊना)। घनारी तहसील के गांव दियोली में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास कृष्ण प्रिया दासी ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब धरती पर पाप, अत्याचार और अधर्म अपनी सारी सीमाएं पार कर जाते हैं, तब भगवान स्वयं अवतार लेकर धर्म की रक्षा और भक्तों के उद्धार का मार्ग प्रशस्त करते हैं। कथा व्यास ने कहा कि अत्याचारी कंस के आतंक से पूरी मथुरा भय के साये में जी रही थी, निर्दोषों का रक्त बह रहा था और धर्म कराह रहा था। ऐसे विकट समय में भगवान श्रीकृष्ण ने कारागार में जन्म लेकर यह संदेश दिया कि अत्याचार चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न दिखे, उसका अंत निश्चित है।