घनारी (ऊना)। नंगल जरियालां स्थित तालाब के समीप शिव शक्ति मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा में सोने, चांदी, तांबे तथा पार्थिव शिवलिंग की पूजा और उनके धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। कथा वाचक कृष्ण कन्हैया जोशी ने बताया कि विभिन्न धातुओं से निर्मित शिवलिंगों की पूजा को लेकर धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में अलग-अलग मान्यताएं बताई गई हैं। सोने के शिवलिंग को ऐश्वर्य एवं समृद्धि, चांदी के शिवलिंग को शांति एवं पवित्रता तथा तांबे के शिवलिंग को सात्विकता और साधना से जोड़कर देखा जाता है। वहीं, मिट्टी से निर्मित पार्थिव शिवलिंग की पूजा को भगवान शिव की आराधना की महत्वपूर्ण विधि बताया गया। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से भगवान शिव का स्मरण और पूजा करने से मनुष्य को आत्मिक शांति की अनुभूति होती है।