न मैटीरियल और न ही गाड़ियां पहुंच रहीं, हर दिन हो रहा नुकसान
परियोजना अधिकारी बोले- रास्ता बंद होने से प्लांट को करोड़ों का हो चुका नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
लठियाणी (ऊना)। कुटलैहड़ के अगलौर में 10 मेगावाट सौर परियोजना का काम पिछले दो सप्ताह से रास्ता बंद होने की वजह से ठप पड़ा है। 68 करोड़ की लागत से बन रही 10 मेगावाट की यह सौर परियोजना क्षेत्रीय स्तर पर ऊर्जा की आवश्यकता को पूरा करने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न कर रही थी। जैसे ही इस परियोजना का काम शुरू हुआ, तब से लेकर आज तक रास्ते को लेकर विवाद खत्म नहीं हो सका है। यह परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती है। बताया जा रहा है कि परियोजना के शुरू होते ही संबंधित रास्ते पर आसपास के कुछ ग्रामीण, विशेष रूप से किसान, आपत्ति जता रहे हैं और रास्ता बंद कर देते हैं। यह समस्या एक बार नहीं, बल्कि बार-बार उत्पन्न हुई है। राजस्व विभाग और प्रशासन की ओर से कई बार डिमार्केशन (सीमांकन) की प्रक्रिया भी कराई गई है, लेकिन हर बार यह प्रक्रिया स्थायी समाधान में बदलने में असफल रही है। परियोजना अधिकारी देवराज सौंखला का कहना है कि रास्ते के बार-बार बंद होने से न केवल निर्माण सामग्री की आपूर्ति बाधित हो रही है, बल्कि वर्कर्स की आवाजाही भी रुक रही है। इससे प्रोजेक्ट की समय सीमा प्रभावित हो रही है और निर्माण कार्य में देरी हो रही है। इस देरी की वजह से अब तक इस प्लांट को करोड़ों का नुकसान हो चुका है। अगर समय रहते समाधान नहीं निकला तो नुकसान और भी बढ़ सकता है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि जिस रास्ते से प्लांट का सामान और कर्मचारी गुजरते हैं, वह रास्ता उनकी निजी जमीन से होकर जाता है। कई बार सीमांकन कर यह स्पष्ट किया गया कि वह सार्वजनिक उपयोग का मार्ग है, फिर भी विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा। इससे यह स्पष्ट होता है कि किसानों की नाराजगी केवल रास्ते को लेकर नहीं, बल्कि जमीन अधिग्रहण, मुआवजा या अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर हो सकती है। यह भी जरूरी है कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और उचित समाधान निकाला जाए। कार्यकारी एसडीएम एवं तहसीलदार बंगाणा अमित शर्मा का कहना है कि विभाग को मौके पर भेजकर वास्तविकता का पता लगाया जाएगा और जांच कर समस्या का हल किया जाएगा।