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Una News: पत्नी को प्रति माह 5000, बेटे को 3000 देने का आदेश बरकरार

सार

ऊना के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-I ने घरेलू हिंसा मामले में पति की याचिका खारिज कर निचली अदालत द्वारा पत्नी व बेटे को भरण-पोषण देने का आदेश बरकरार रखा। कोर्ट ने 20,000 रुपये मुआवजा भी मंजूर किया।
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पति की याचिका कोर्ट ने की खारिज, 2003 में हुई थी दोनों की शादी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-I ऊना राजिंदर कुमार ने घरेलू हिंसा के मामले में पति की याचिका को खारिज करते हुए निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा है। निचली अदालत ने 2020 में मामले की सुनवाई के दौरान पत्नी को 5,000 रुपये प्रति माह और नाबालिग बेटे को 3,000 रुपये प्रति माह भरण-पोषण का फैसला सुनाया था। कोर्ट ने दंडनीय अपराध अधिनियम की धारा 12 के तहत आवेदन दायर करने की तिथि से भुगतान करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने मुआवजे के रूप में 20000 रुपये देने का आदेश भी बरकरार रखा है। शिकायतकर्ता अनीता भाटिया पत्नी योगेश कुमार भाटिया निवासी सुरेंद्र कुमार सूद आदर्श कॉलोनी नंदा अस्पताल का आरोप था कि जुलाई 2003 में उनकी शादी हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार दिल्ली में हुई थी। आरोप है कि इस दौरान पति ने क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया। इस पर पति ने जवाब दाखिल कर शिकायत का विरोध किया और निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी।
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