महिलाओं ने दिनभर व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु के लिए की कामना
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना, गगरेट, घनारी। अखंड सौभाग्यवती का प्रतीक करवाचौथ व्रत रविवार को दिनभर निराहार रहकर रात को सुहागिनों ने छननी में चांद का दीदार कर पति के हाथों जल ग्रहण कर संपूर्ण किया। जिले में रविवार रात ठीक 08 बजे चांद के दीदार हुए।
महिलाओं ने चांद को अर्घ्य देकर व्रत निराहार का क्रम पति के हाथों तोड़ा। इससे पूर्व सभी महिलाएं चांद का इंतजार करती नजर आईं। चांद निकलने पर सौभाग्यवती स्त्रियों ने अटल सुहाग, पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य व मंगलकामना की। नवविवाहिताओं ने व्रत के संपूर्ण होने पर पहले करवाचौथ पर पति संग सेल्फी ली और सोशल मीडिया पर इसे अपलोड किया। करवाचौथ के अवसर पर ऊना, गगरेट, घनारी, संतोषगढ़, हरोली, बंगाणा, मैहतपुर आदि स्थानों पर रविवार को विभिन्न ज्योतिषिय संयोगों में सुहागिन महिलाओं ने धूमधाम के साथ करवाचौथ पर्व मनाया।
गगरेट के प्राचीन श्री राधे श्याम मंदिर पर चौथ माता की पूजा-अर्चना के लिए महिला श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। महिलाओं ने चौथ माता की पूजा कर अपने सुहाग की दीर्घायु ,परिवार में कुशल मंगल की कामनाओं के साथ पूजा-अर्चना की। नवविवाहिताओं ने प्रौढा महिलाओं के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। रविवार सुबह से ही पूजन की तैयारियां शुरू हो गई थीं। व्रत धारण कर महिलाएं खूब सजी-संवरी और करवे (मिट्टी से बना पात्र) में गेहूं भरा और उसके ढक्कन पर मिष्ठान व दक्षिणा रखकर ईष्टदेव भगवान गणेश का पूजन किया। इसके बाद महिलाएं गली-मोहल्लों और मंदिरों में एकत्र हुईं और करवाचौथ की कथा का श्रवण किया। शाम को पूजन किया गया। इसके बाद बेसब्री से चांद का इंतजार किया गया। जिन महिलाओं के पति उनसे दूर थे, उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए वीडियो कॉलिंग कर पतियों के दर्शन किए और व्रत खोला। इस मौके पर बाजार भी पूरी तरह गुलजार नजर आए।
श्री राधे शाम मंदिर गगरेट के मुख्य पुजारी पंडित सोनू पंडित व विश्व शांति आश्रम के महंत पं. बृजमोहन शास्त्री ने बताया कि करवाचौथ का पर्व सौभाग्यवती स्त्रियों के लिए होता है। उन्होंने कहा कि इस दिन गणेश जी महाराज तथा चौथ माता का पूजन पति की दीर्घ आयु के लिए होता है। निराहार रहने वाली महिलाओं को व्रत का सौ गुणा फल ज्यादा मिलता है।