फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: बडसाला गांव का मुख्य पुल खतरे की जद में, छह गांवों की 15 हजार आबादी प्रभावित

विज्ञापन
बडसाला पुल।फाईल चित्र
विज्ञापन
बीते दो माह से पूरी तरह बंद किया है बडसाला पुल, जंगली रास्ता एकमात्र विकल्प
विज्ञापन



लोगों ने कहा- मंत्री और विधायकों ने आश्वासन दिए, समस्या जस की तस


नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों को प्रतिदिन हो रही परेशानी

संवाद न्यूज एजेंसी

नारी (ऊना)। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के तहत बडसाला गांव का मुख्य पुल लंबे समय से जर्जर हालत में है। पुल के तीन पिलरों में बड़ी दरारें आ चुकी हैं। विभाग ने पिछले वर्ष एक ज्यादा क्षतिग्रस्त पिलर को लोहे की पत्तियां लगाकर अस्थायी मरम्मत की थी। उस समय उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता तथा अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे। इसके बावजूद डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी पुल की स्थायी मरम्मत नहीं हो पाई है। भारी बरसात के चलते यह पुल बीते दो महीने से बंद पड़ा है। इस पुल के जरिए छह गांवों बडसाला, बदोली, अपर त्यूड़ी, भलोह, बड़ूही और बरेड़ा की लगभग 15 हजार आबादी का आवागमन होता है। इसके अलावा दो ईंट भट्ठों का कारोबार भी इसी पुल पर निर्भर है। पुल बंद होने से स्कूली व कॉलेज के छात्र-छात्राओं और नौकरीपेशा लोगों को 10 किलोमीटर लंबा जंगली रास्ता तय कर बस पकड़नी पड़ रही है। आपात स्थिति में भी ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। हाल ही में गांव के एक सेवानिवृत्त उप शिक्षा निदेशक को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई। अस्पताल ले जाते समय लंबा रास्ता पार करते हुए घर से मात्र दो किलोमीटर दूर ही उनकी मौत हो गई। गांववासियों सुशील कुमार, सुरेश कुमार, मुकेश कुमार, हरजीत सिंह, गुरमेल कुमार, मनोज कुमार, रजत कुमार, सुरेश राणा, सुनील राणा, सत्या देवी, महेश कुमार और मनमोहन सिंह का कहना है कि प्रदेश में सरकारें जनता के वोट से बनती हैं, लेकिन जनता ही सबसे ज्यादा परेशान है। उनका आरोप है कि लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर तभी आती है जब कोई विधायक या उच्चाधिकारी वहां जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि बडसाला पुल को पूरी तरह कुदरत के भरोसे छोड़ दिया गया है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अरविंद लखनपाल ने बताया कि पुल की मरम्मत के लिए बजट प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें