पांगणा पहुंची चवासी नाग सिद्ध की भव्य देव रथ यात्रा। स्रोत जागरूक पाठक
- फोटो : गौरीगंज स्थित गोविंद गैस एजेंसी के बाहर बैठे उपभोक्ता।
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। सतलुज घाटी की प्राचीन वैदिक परंपराओं को समेटे चवासी नाग सिद्ध की रथ यात्रा महोग से शुरू होकर शुक्रवार को पांगणा पहुंची। भारी बारिश और ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं ने देवता का भव्य स्वागत किया। पांगणा में चवासी नाग ने सुकेत की अधिष्ठात्री देवी राजराजेश्वरी महामाया से आशीर्वाद प्राप्त किया, जो देव समाज में पारस्परिक सद्भाव का प्रतीक है। इतिहासकार डॉ. हिमेंद्र बाली हिम के अनुसार चवासी नाम चौरासी सिद्धों से जुड़ा है, जो 10वीं-11वीं शताब्दी में चंबा से यहां आए थे। यात्रा महोग से करसोग, चिण्ढी, ठंडापानी और नगराओं होते हुए पांगणा तक पहुंची। रात्रि विश्राम के बाद देव यात्रा कमरुदेव मंदिर (मझोठी, रोहांडा) के लिए आगे बढ़ी। ग्राम पंचायत प्रधान बसंत लाल चौहान ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए रात्रि भोज और ठहरने की व्यवस्था की गई है। कारदार टीसी ठाकुर ने कहा कि यह यात्रा पूरे सुकेत क्षेत्र की सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना के लिए निकाली जाती है।