प्राचीन संस्कृति को दर्शाने के लिए मेला समिति ने मांगे सुझाव
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। राज्य स्तरीय जोगिंद्रनगर देवता मेले में इस बार हिमाचल की पारंपरिक वेश-भूषा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रमुख स्थान दिया जाएगा। मेले में विभिन्न जिलों के लोक नृत्यों के साथ ही पहाड़ी नाटी और देवधुनों की गूंज भी सुनाई देगी। मेला समिति ने पहली बार देवी-देवताओं के संग पहुंच रहे देवलुओं और बजतंरियों से चर्चा कर इस योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। एसडीएम मनीष चौधरी ने बताया कि पांच दिवसीय राज्य स्तरीय देवता मेले को और भी आकर्षक बनाने के लिए लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। मेला एक से पांच अप्रैल तक आयोजित होगा और इसमें हिमाचल की पारंपरिक संस्कृति को प्रमुख रूप से दर्शाने का प्रयास किया जाएगा। मेले में पहाड़ी वेश-भूषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल होंगे। रामलीला मैदान में दिन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी, जबकि शाम पांच बजे से रात दस बजे तक हिमाचल के साथ-साथ बाहरी राज्यों के कलाकार भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे।