परोइयां पंचायत के 65 वर्ष के प्रकाश चंद का छलका दर्द
बोले, मरना मंजूर, लेकिन घर छोड़कर नहीं जाऊंगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा क्षेत्र की परोइयां पंचायत के गांव कुसियाला में 65 वर्षीय प्रकाश चंद पुत्र राम का मकान भूस्खलन की चपेट में आकर दलदल में बदल गया। मंगलवार रात को हादसा उस समय हुआ जब प्रकाश चंद अपने परिवार के साथ घर में सोए हुए थे। अचानक पालतू कुत्ते के भौंकने से सभी की आंखें खुलीं। बाहर आकर देखा तो मकान के पीछे की पहाड़ी दरक रही थी। स्थिति को भांपते हुए प्रकाश चंद, उनके दोनों बेटे मोहन लाल और सोहन लाल, बहू मंजू देवी व पोता तनवीर तुरंत मकान छोड़कर खेतों की ओर भागे। परिवार की जान तो बच गई, लेकिन देखते ही देखते पूरा मकान मलबे में तबदील हो गया। प्रकाश चंद आंखों में आंसू लिए बताते हैं-मरना तो एक दिन है, फिर डरना क्यों। इस घर को बनाने में पूरी उम्र मजदूरी की। अब इसे छोड़कर कहां जाएं। स्थानीय लोगों की मदद से घर का सामान बाहर निकाला गया। प्रशासन की ओर से एसडीएम सोनू गोयल व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिवार को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया। हालांकि, 65 वर्षीय प्रकाश चंद अपने उजड़े घर को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुए।