भाखड़ा में भी बीते वर्ष के मुकाबले 10 फीट पानी कम
संवाद न्यूज एजेंसी
नंगल (ऊना)। पंजाब सरकार की ओर से हरियाणा को अतिरिक्त पानी न देने के निर्णय के बाद मामला काफी गरमा गया है। पंजाब सरकार की ओर से हरियाणा को यह कहते हुए अतिरिक्त पानी देने से मना कर दिया कि उनके पास पानी नहीं है। हरियाणा ने अपने हिस्से का पानी पहले ही प्रयोग कर लिया है। पंजाब सरकार के इस निर्णय के बाद दोनों राज्यों में माहौल गरमाने के आसार बन गए है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने साफ शब्दों कह दिया है कि पंजाब के पास एक भी पानी की बूंद अतिरिक्त नहीं है जो हरियाणा को दी जा सके। हरियाणा पहले ही मार्च महीने तक अपने हिस्से के पानी प्रयोग कर चुका है। पंजाब के मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब में धान की फसल की बिजाई का सीजन शुरू होने जा रहा है। पंजाब में किसानों को पानी की बहुत जरूरत होगी। इसलिए भाजपा के दबाव में आने का सवाल ही पैदा नहीं होता। विश्व प्रसिद्ध भाखड़ा डैम के पीछे बनी विशाल गोबिंद सागर झील के जल स्तर की बात करें तो 12364 क्यूसेक पानी की आमद के साथ भाखड़ा डैम का जल स्तर 1555 क्यूसेक तक पहुंचा है जो बीते वर्ष के मुकाबले 10 फुट के करीब कम है। जबकि भाखड़ा डैम से 14912 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बात अगर बीते वर्ष 30 अप्रैल 2024 के ही दिन की करें तो भाखड़ा डैम के पीछे बनी गोबिंद सागर झील में पानी की आमद 11353 क्यूसेक दर्ज की गई थी। भाखड़ा डैम से लगभग 16 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। डैम का जल स्तर 1567 फीट था। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या पंजाब सरकार केंद्र के दबाव में आकर हरियाणा को अतिरिक्त पानी देती है या पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान अपने निर्णय पर डटे रहेंगे।