टाहलीवाल (ऊना)। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान और टाहलीवाल के निवासियों की ओर से पांच दिवसीय भगवान शिव कथा का आयोजन करवाया जा रहा है। चौथे दिन शुक्रवार को कथा में गुरुदेव आशुतोष की शिष्या साध्वी गरिमा भारती ने भगवान शिव की लीलाओं में छुपे गहन रहस्यों का वाचन किया। श्रद्धालुओं को आत्म-ज्ञान की प्रेरणा दी। साध्वी गरिमा भारती ने बताया कि शिव शंकर का प्रत्येक रूप जीवन की गहराई को समझने का संकेत देता है। भोलेनाथ के कंठ में नर मुंडों की माला, मनुष्य जीवन की नश्वरता को दर्शाती है। उन्होंने उपस्थित भक्तों को संदेश दिया कि मृत्यु से पूर्व जीवन के अर्थ को समझ लेना और शिव को जान लेना ही सच्चा जीवन है। शिव की जटाओं के मस्तक में ध्यान लगाने की कला है, जो यह सिखाती है कि संसार की माया से मुक्त होकर आत्मा की शांति प्राप्त करें।