ज्वालामुखी (कांगड़ा)। शक्तिपीठ ज्वालामुखी में गुप्त नवरात्रि की पंचमी तिथि एवं बसंत पंचमी के पावन अवसर पर हवन, पूजा, जप-तप और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। स्थानीय लोगों और बाहरी राज्यों से आए भक्तों ने माता ज्वालामुखी और मां सरस्वती के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से विद्या, बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है। इसी परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने नए कार्यों की शुरुआत की, बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश करवाया और पीले वस्त्र धारण कर पीले रंग के पकवान अर्पित किए। मंदिर परिसर में भक्तों ने मां को पीले पुष्प, पीले वस्त्र और पीले रंग का प्रसाद अर्पित किया। इसके बाद पीले रंग का हलवा श्रद्धालुओं में वितरित किया। मंदिर न्यास सदस्य एवं पुजारी अविनेंद्र शर्मा ने बताया बसंत पंचमी से ऋतु परिवर्तन की शुरुआत मानी जाती है, इसी दिन से ठंड कम होने लगती है और दिन बड़े होने लगते हैं। मां सरस्वती की आराधना से विद्यार्थियों को विशेष कृपा प्राप्त होती है। आज ही मां सरस्वती का प्रकटोत्सव मनाया जाता है और ब्राह्मणों को यज्ञोपवीत भी धारण करवाए जाते हैं। संवाद