दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। सड़क दुर्घटना में आरोपी कार चालक को दोष सिद्ध न होने से अंब की अदालत ने बरी कर दिया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अंब कोर्ट नंबर वन जज निरंजन सिंह की अदालत में शुक्रवार को मामले में फैसला सुनाया। मामले की पैरवी करने वाले अधिवक्ता संदीप एस चंदेल ने बताया कि धारा 279, 337, 304-A आईपीसी के तहत आरोपी के खिलाफ आरोप था कि उसने तेज रफ्तारी और लापरवाही से अपनी कार चलाते हुए स्कूटर के साथ टकराई और स्कूटर सवार की मौत हो गई। इस केस में अभियोजन पक्ष ने 11 गवाह कोर्ट में पेश किए तथा बचाव पक्ष ने यह बताया कि हादसे में आरोपी गाड़ी के चालक की कोई तेज रफ्तारी और लापरवाही नहीं थी जबकि रोड पर डिवाइडर न होने के कारण आरोपी का रात को गाड़ी सहित सामने वाले लिंक रोड से सीधा जाना बिल्कुल वाजिब था जो जांच में रास्ता नहीं दिखाया गया था। स्कूटर सवार के पास न ड्राइविंग लाइसेंस था और न उसे स्कूटर चलाना आता था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को अदालत ने बरी करने का फैसला सुनाया।