नगनोली में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। संवाद
ऊना। हरोली के गांव नगनोली के कृष्ण कुंज मोहल्ला में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन समस्त पंवार परिवार की ओर से किया गया। कथा के प्रथम दिवस मंगलवार को आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी गौरी भारती ने श्रीमद्भागवत कथा का रसपान श्रद्धालुओं को कराया। कहा कि वेदों का सार युगों-युगों से मानव जाति तक पहुंचता रहा है। ‘भागवत महापुराण’ यह उसी सनातन ज्ञान की पयस्विनी है, जो वेदों से प्रवाहित होती चली आ रही है। इसीलिए भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है। यह एक ऐसी अमृत कथा है, जो देवताओं के लिए भी दुर्लभ है। इसलिए परीक्षित ने स्वर्गामृत की बजाय कथामृत की ही मांग की। कथा के दौरान उन्होंने वृन्दावन का अर्थ बताते हुए कहा कि वृंदावन इंसान का मन है। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद