संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। उपमंडल बंगाणा के हटली में श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा चल रही है। कथा व्यास आचार्य डॉ. सुमन शर्मा ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा न केवल भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन करती है, बल्कि यह भटकी हुई आत्माओं को मोक्ष की राह पर ले जाने का माध्यम भी बनती है। कथा के दूसरे दिन कथा व्यास आचार्य डॉ. सुमन शर्मा ने श्रद्धालुओं को धुंधकारी की कथा का वर्णन सुनाया, जो सुनने वालों को आत्मा की शुद्धि, भक्ति की महिमा और सत्संग की शक्ति का साक्षात्कार कराता है। धुंधकारी की कथा एक ऐसे व्यक्ति की है, जो भोग-विलास और पापमय जीवन में लिप्त था, किंतु मृत्यु के पश्चात उसकी आत्मा प्रेत योनी में भटकती रही। उसके भाई गोकर्ण ने जब यह जाना तो उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया, और उस कथा के श्रवण से धुंधकारी की आत्मा को मोक्ष प्राप्त हुआ। आचार्य डॉ. सुमन शर्मा ने इस प्रसंग के माध्यम से बताया कि चाहे आत्मा कितनी भी पापमय क्यों न हो, यदि कोई सच्चे मन से भगवान की कथा का श्रवण करे या करवाए तो मोक्ष की प्राप्ति अवश्य होती है। यह कथा न केवल प्रेत आत्माओं को मुक्ति देती है, बल्कि जीवित व्यक्तियों को भी आत्मिक शांति और भगवान की भक्ति से जोड़ती है। प्रवचन के दौरान उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।