जोल(ऊना)। क्षेत्र के कठोह में चैत्र नवरात्र के दौरान श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का समापन हुआ। इस अवसर पर कथावाचक रत्नचंद शर्मा ने कहा कि मोक्ष की कामना प्रत्येक मनुष्य करता है, लेकिन सभी को सही राह नहीं मिलती है। भागवत कथा एक ऐसा मार्ग है जो प्रत्येक को मोक्ष की ओर ले जाता है। कथा समापन पर कथा का रसपान पाने के लिए भक्तों का सैलाब उमड पड़ा। कथावाचक आचार्य रत्नचंद शर्मा ने श्रीमद्भागवत कथा का समापन करते हुए कई कथाओं का भक्तों को श्रवण करवाया। कथा के अंतिम दिन सुखदेव द्वारा राजा परीक्षित को सुनाई गई श्रीमद्भागवत कथा के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया। अंत में राजा प्रशिक्षित को मोक्ष प्राप्ति के प्रसंगों को सुनाया। कथा के दौरान कथा व्यास ने श्री कृष्ण भक्ति भजनों की प्रस्तुति दी। श्रद्धालुओं ने दोनों हाथ उठाकर श्री कृष्णा भजनों पर झूमते हुए भजनों का आनंद लिया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में भक्त मौजूद रहे। इस मौके पर सेवानिवृत्त कर्नल तरसेम राणा, उर्मिला देवी सहित ग्रामीण मौजूद रहे।