जोल (ऊना)। चंबोआ गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। कथा वाचक आचार्य गणेश दत्त शास्त्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं के साथ भगवान की महारास लीला का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रास, जीव और परब्रह्म ईश्वर के साथ मिलन की कथा है। आस्था और विश्वास से भगवत प्राप्ति का फल मिलता है। कथा में भगवान श्रीकृष्ण और रुकमणि के विवाह की झांकी प्रस्तुत की गई। श्रीकृष्ण का पहला विवाह विदर्भ के राजा की पुत्री रुकमणि से हुआ था। रुकमणि साक्षात लक्ष्मी हैं, जो नारायण से दूर नहीं रह सकतीं। शास्त्री ने माता-पिता द्वारा तया किए गए रिश्ते को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने बेटियों को आत्मरक्षा के लिए शास्त्र और शस्त्र दोनों का ज्ञान देने पर बल दिया। कथा में संगीताचार्य शिवकुमार शर्मा, अंकित बहुगुणा, आचार्य कपिल सारस्वत, सुनील और अन्य सहयोगियों ने संगीत प्रस्तुत किया।