संवाद न्यूज एजेंसी
जोल (ऊना)। श्री राधा कृष्ण मंदिर बडोआ में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास आचार्य शिव कुमार शास्त्री ने भक्तों को आध्यात्मिक ज्ञान से ओत-प्रोत किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक ग्रंथ नहीं बल्कि सनातन धर्म का वह दिव्य वृक्ष है, जो मनुष्य को सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है। कथा व्यास आचार्य शिवकुमार शास्त्री ने श्रद्धालुओं को बताया कि भागवत महापुराण में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उपदेशों का वर्णन है, जो मानव जीवन को धर्म, भक्ति और मोक्ष की ओर अग्रसर करता है। भागवत कथा आत्मशुद्धि का सर्वोत्तम माध्यम है। इससे व्यक्ति अपने जीवन के समस्त कष्टों का निवारण कर सकता है। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। इसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा व्यास आचार्य शिवकुमार शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मानव का जीवन सफल होता है। मानव को अपने जीवन में सफलता लानी चाहिए। यदि मानव जीवन में सरलता होगी तभी वह आगे बढ़ सकेगा। पुरुषोत्तम मास में कथा का श्रवण करने का फल बहुत अधिक मिलता है।