ऊना। हरोली रामपुर पुल के बाद अब सबसे पुराना संतोषगढ़ टाहलीवाल पुल 31 मार्च तक पुल चकाचक दिखेगा। पुल को संवारने के लिए लोक निर्माण विभाग 37 लाख रुपये खर्च करेगा। उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अधिकारियों ने धरातल पर कार्य के लिए रफ्तार पकड़ी है। मरम्मत कार्य से पुल को मजबूती देने की तैयारी है।
संतोषगढ़ पुल की राह को रात के अंंधेरे में एलईडी लाइटों से रोशन भी किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग पुल के दोनों ओर 40 लाइटें लगाएगा। पुल को संवारने के लिए संबंधित ठेकेदार को पत्र भी जारी कर दिया है। हालांकि, अभी तक पुल मरम्मत और इसे संवारने के कार्य के लिए सरकार की ओर से राशि का इंतजार है, लेकिन लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रारंभिक कार्यों में संतोषगढ़ पुल पर साफ सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। आने वाले दो चार दिन में मरम्मत और संवारने के कार्य को शुरू भी कर दिया जाएगा।
सीमांत संतोषगढ़ शहर की स्वां नदी पर 80 के दशक में संतोषगढ़ से टाहलीवाल को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण किया गया था। पुल को जनसमर्पित करने के लिए इस दशक में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी यहां पहुंचे थे। लगभग 43 वर्ष पुराने पुल की मजबूती बेशक आज भी वैसी की वैसी है, लेकिन समय गुजरने के साथ इसकी मरम्मत कार्य का कहीं न कहीं अभाव नजर आने लगा है।
वर्तमान सरकार में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री वर्ष 2007 में पुनर्सीमांकन से पूर्व तक संतोषगढ़ विधानसभा से ही पहली बार विधायक बने और उनका राजनीतिक उदय हुआ। अपनी पूर्व विधानसभा से उन्होंने लगाव को देखते हुए वर्तमान में इस पुल के मरम्मत कार्य और लाइटों से जगमगाने को लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया है।
-संतोषगढ़ पुल का मरम्मत और संवारने का कार्य दो चार दिन में शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए 37 लाख रुपये का अनुमानित बजट रखा गया है। पुल पर लाइटें लगाने सहित मरम्मत कार्य किया जाएगा।
-बलदेव सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग ऊना