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Una News: पंजावर का राजन कुमार एक साल से कुवैत में फंसा

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गुजारा चलाने के लिए घर से पैसे मंगवाने को मजबूर
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कंपनी घर लौटने में डाल रही अड़चनें,
न बीजा और न ही वापिस किया पासपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ऊना जिले के हरोली क्षेत्र के पंजावर गांव के युवक राजन कुमार पिछले एक साल से कुवैत में फंसे हुए हैं। रोज़ी-रोटी की तलाश में विदेश गए राजन आज मुश्किल में हैं। हालात इतने खराब हैं कि उन्हें अपना गुजारा चलाने के लिए घर से पैसे मंगवाने पड़ रहे हैं। जानकारी के अनुसार राजन कुमार पुत्र सुभाष चंद पंजावर, कुवैत में ब्रिक्स डिलीवरी कंपनी में चालक के रूप में काम कर रहे थे। दिसंबर 2024 में वह कंपनी की गाड़ी लेकर जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी का एक अन्य वाहन से टकराव हो गया। इसके बाद कंपनी ने गाड़ी की मेंटेनेंस और इंश्योरेंस के लिए राजन से पैसे वसूल किए और उन्हें नौकरी से निकाल दिया। कंपनी ने न तो उन्हें बीजा (छुट्टी) दी और न ही पासपोर्ट लौटाया। जब राजन घर लौटने के लिए कहा, तो कंपनी ने कहा कि पहले गाड़ी की मरम्मत पूरी करें, उसके बाद ही घर जा सकते हैं। इससे परेशान होकर राजन ने कुवैत में लेबर कोर्ट में कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। कोर्ट ने उन्हें घर लौटने की मंजूरी दे दी, लेकिन जिस दिन वह भारत लौटने वाले थे, उसी दिन कंपनी ने उनके खिलाफ केस कर दिया। एक साल से बेरोजगार बैठे राजन अपने परिवार से पैसे मंगवाकर जीवनयापन कर रहे हैं। उनके पिता सुभाष चंद का कहना है कि कंपनी जानबूझकर उनका पासपोर्ट नहीं लौटा रही, ताकि राजन भारत वापस न आ सकें। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास की मदद से ही उनका बेटा सुरक्षित घर लौट सकता है। सुभाष चंद ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले को गंभीरता से लें और एक गरीब परिवार के बेटे को उसकी जमीन पर लौटने में मदद करें।
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