25 अगस्त के बाद शुरू होता है बिजाई का सीजन, लेकिन इस बार अभी तक शुरू नहीं हुई प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में आलू की बिजाई का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक बिजाई नहीं हो पाई। इसका कारण लगातार खराब चल रहा मौसम है। बीते कुछ दिनों में बारिश का दौर जारी है। वीरवार सुबह से दोपहर तक लगातार बारिश हुई।
उधर, किसानों ने बीज खरीद लिया है और अब मौसम साफ होने के इंतजार में हैं। जानकारी के अनुसार आलू की बिजाई हर साल 25 अगस्त से शुरू होकर मध्य सितंबर तक चलती है। बिजाई में यह विशेष ध्यान रखना पड़ता है कि जमीन में नमी आवश्यकता से अधिक न हो। अधिक नमी वाली जमीन में बिजाई करने से बीज में सड़न पैदा होने और उसकी वृद्धि धीमी गति से होने का डर रहता है, लेकिन करीब एक सप्ताह से बारिश का मौसम बना हुआ है। वीरवार को भी यह क्रम जारी रहा। इससे जमीन में अत्यधिक नमी हो चुकी है, जिसे सूखने में दो से तीन दिन लग सकते हैं। वह भी अगर धूप खिलती है।
किसानों ने कहा- अब सितंबर के पहले हफ्ते करेंगे बिजाई, बीते साल बर्बाद हाे गई थी फसल
किसान वरिंद्र कुमार, शिव कुमार, जितेंद्र सैनी, अशोक कुमार, चरण दास, रक्षपाल ने बताया कि बीते साल बिजाई के बाद हुई अत्यधिक बारिश से खासा नुकसान हुआ था। इस बार मौसम का तकाजा लगाकर ही फसल की बिजाई करेंगे। कहा कि बारिश में बीज की संभाल करना मुश्किल हो जाता है। इस बार बिजाई में देरी हो रही है। उम्मीद करते हैं कि सितंबर की शुरुआत तक मौसम साफ होगा।
2300 रुपये प्रति क्विंटल पहुंचे बीज के दाम
इस बार आलू के बीज की कीमत 2300 रुपये प्रति क्विंटल चल रही है। किसान बीज की खरीद पंजाब से कर रहे हैं। जहां से गाड़ियां लोड होकर ऊना पहुंच रही हैं। जिन किसानों की जमीन कम है, वे साथ मिलकर बीज की गाड़ी मंगवा रहे हैं। जिन किसानों के पास बीज रखने के लिए पर्याप्त स्थान है, उन्हें कोई परेशानी नहीं, लेकिन जिनके पास भंडारण की व्यवस्था नहीं, उनके लिए खराब मौसम में बीज को बचाकर रखना बड़ी चुनौती बन गया है।
कोट्स
आलू की बिजाई के लिए मौसम की स्थिति इस समय अनुकूल चल रही है। हालांकि बारिश थमने और जमीन में जरूरत के अनुसार नमी होना भी जरूरी पहलू हैं। उम्मीद करते हैं कि एक दो दिन में मौसम साफ होगा और बिजाई शुरू हो पाएगी।
डाॅ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग