दौलतपुर चौक (ऊना)। गगरेट क्षेत्र की ग्राम पंचायत नंगल जरियालां में प्रधान पद के लिए लगातार चौथी बार आरक्षण लागू किए जाने पर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी पंचायत को लगातार दो बार आरक्षित किए जाने के बाद उसे अनारक्षित किया जाना चाहिए लेकिन नंगल जरियालां पंचायत के मामले में ऐसा नहीं हुआ। लगातार तीन बार उपप्रधान रह चुके शौर्य चक्र विजेता कैप्टन सुशील जरियाल ने बताया कि वर्ष 2011 में पंचायत प्रधान पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित था। इसके बाद वर्ष 2016 में यह पद अनुसूचित जाति महिला तथा 2021 में अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया। अब एक बार फिर से 2026 में भी प्रधान पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है, जो नियमों के विपरीत प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि इस विषय को लेकर मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल डीपीओ कार्यालय ऊना पहुंचा और अपनी आपत्ति दर्ज करवाई। इस दौरान अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया था कि इस बार पंचायत को अनारक्षित रखा जाएगा, लेकिन रोस्टर जारी होने पर पुनः आरक्षण लागू कर दिया गया, जिससे लोगों में निराशा और रोष है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नंगल जरियालां पंचायत के साथ हो रही इस विसंगति को दूर किया जाए और इस बार प्रधान पद को अनारक्षित घोषित किया जाए ताकि सभी वर्गों को समान अवसर मिल सके।