ऊना। जिले में हरी सब्जियों के दाम सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं। हरी सब्जियां को खरीदने में जहां आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ रहा है वहीं दुकानदार भी महंगी सब्जियों को बेचने के लिए रखने से बचने लगे हैं। आलम यह है कि हरी मटर और शिमला मिर्च जैसी सब्जियां तो दुकानों से गायब हो चुकी है। चुनिंदा सब्जी की दुकानों पर ही हरी मटर और शिमला मिर्च मिल रही हैं।
जानकारी के अनुसार सब्जियों की दुकानों पर हरी मटर के दाम 160 से 170 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। इस कारण आम लोगों के मटर की खरीद बंद कर दी है। वहीं, शिमला मिर्च के दाम भी 100 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि इन सब्जियों की सप्लाई शिमला, कुल्लू और सोलन जैसे पहाड़ी जिलों से हो रही है, जिस कारण दामों में उच्छाल आया है।
इसके अलावा पंजाब की मंडियों से होकर भी सप्लाई यहां आती है। मांग के मुकाबले बेहद कम मात्रा में उक्त सब्जियों की आपूर्ति हो रही है। यही वजह है कि इनके दाम में बेतहाशा वृद्धि हुई है। कुल मिलाकर बीते 15 दिनों में सब्जियों के दामों में भारी उछाल आया है। इससे आम लोगों को सब्जियां खरीदना मुश्किल हो गया है।
प्याज के दामों में 20 रुपये का उछाल
सब्जियों के तड़के सहित अन्य कई खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले प्याज की कीमत भी बढ़ गई है। सोमवार को प्याज की कीमत में 20 रुपये का उछाल आया। पहले जहां प्याज दुकानों पर 30 रुपये प्रति किलो के दाम पर मिलता था, जो अब 50 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है।
ऑफ सीजन होने के कारण कुछ सब्जियों की कीमतों में उछाल आता है। हालांकि बरसात के बाद सब्जियों की कीमत गिरने लगती हैं। इस समय घीया, करेला, कद्दू सहित कुछ अन्य हरी सब्जियां सस्ती हुई हैं। जो लोगों के लिए अच्छा विकल्प हैं।
- भूपेंद्र ठाकुर, सचिव, एपीएमसी ऊना
मंडी से खरीद के बाद विक्रेता 25 से 30 प्रतिशत की लाभ दर के साथ सब्जियों की बिक्री कर सकते हैं। हालांकि दुकानों पर इसकी मूल्य सूची लगाना अनिवार्य है। दुकानदार नियमों के तहत ही सब्जियों की बिक्री करें।
-राजीव शर्मा, डीएफएससी, ऊना