संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। अपील प्राधिकारी-II ऊना कांता वर्मा ने शहर में दुकान खाली करवाने को लेकर दर्ज करवाई याचिका खारिज कर दी है। पवन कुमार पुत्र अमर चंद निवासी वार्ड संख्या सात ऊना ने हिमाचल प्रदेश शहरी किराया नियंत्रण अधिनियम की धारा 14 के तहत निचली अदालत में एक याचिका दायर की थी। इसमें प्रतिवादियों (किरायेदारों) को वार्ड संख्या सात मुख्य बाजार ऊना स्थित दुकान परिसर से बेदखल करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता का आरोप था कि वह पट्टे पर दिए गए परिसर का मालिक है। 14 वर्ष पहले प्रतिवादियों के हित-पूर्ववर्ती अमर चंद को 125 रुपये मासिक किराये पर यह परिसर दिया था। 2017 को अमर चंद की मौत के बाद प्रतिवादी गुरमीत सिंह पुत्र उधम सिंह निवासी मोहल्ला शिव नगर ने इसी परिसर में मिठाई की दुकान चलानी शुरू कर दी। आरोप था कि प्रतिवादी ने किराया और गृह कर का भुगतान नहीं किया और मई 2014 से आज तक किराया बकाया है। याचिकाकर्ता परिसर में बेटे के लिए दुकान खोलना चाहता था। इसके बाद प्रतिवादी गुरमीत सिंह ने याचिका का विरोध करते हुए प्रारंभिक आपत्तियां प्रस्तुत कीं और तर्क दिया गया कि याचिकाकर्ता ने अपने पूर्ववर्ती को 125 रुपये प्रति माह की दर से पट्टे पर दिया था। कभी भी गृह कर का भुगतान करने की सहमति नहीं दी थी। वीरवार को अपील प्राधिकारी-II ऊना कांता वर्मा ने फैसले में कहा कि वर्तमान अपील खारिज किए जाने योग्य है और तदनुसार लागत सहित खारिज की जाती है।