एसडीएम के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजते संयुक्त पटवारी एवम कानूनगो महासंघ के सदस्य।स्
गगरेट (ऊना)। प्रदेश सरकार द्वारा राजस्व विभाग के पटवारियों और कानूनगो के कार्यक्षेत्र को स्टेट कैडर घोषित करते ही पटवारी एवं कानूनगो आग बबूला हो गए हैं। सोमवार को तमाम पटवारियों ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय के विरोध में ऑनलाइन कार्य बंद कर दिए और तमाम आधिकारिक व्हाटसएप ग्रुप एग्जिट कर अपने गुस्से को इजहार किया।
यही नहीं, पटवारी एवं कानूनगो ने हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष सतीश चौधरी की अगुवाई में एसडीएम कार्यालय गगरेट के बाहर गेट मीटिंग कर प्रदेश सरकार के विरुद्ध जमकर गुब्बार निकाला और एसडीएम के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजकर कर अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। सतीश चौधरी ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार अपने निर्णय से पीछे नहीं हटी तो 17 जुलाई को कुल्लू में होने जा रही महासंघ की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में आगामी रणनीति तय की जाएगी। सोमवार को पटवारियों और कानूनगो द्वारा ऑनलाइन कार्य बंद कर देने से आम जनमानस को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। इंदिरा गांधी प्यारी बहना सम्मान निधि योजना के तहत आवेदन करने वाली महिलाओं के फार्म ऑनलाइन तस्दीक न होने के चलते महिलाओं को उलटे पांव वापस लौटना पड़ा। इसके अतिरिक्त कई और भी ऑनलाइन कार्य ठप रहे।
महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा कि पहले ही बिना सुविधाओं के पटवारी व कानूनगो प्रदेश सरकार के तमाम कार्यों को निपटा रहे हैं। आज दिन तक न तो पटवारघरों में इंटरनेट की व्यवस्था हो पाई और न ही प्रिंटर की सुविधा मिल पाई। ऐसी स्थिति में पटवारी अपने मोबाइल फोन के डाटा से ही जरूरी कार्य निपटा रहे थे, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने इस वर्ग के साथ अन्याय करते हुए जिला कैडर से एकदम इनका स्टेट कैडर कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो पटवारी कलमछोड़ हड़ताल पर जाने से भी गुरेज नहीं करेंगे।