पेपर लीक होने की चिंगारी एक बार फिर सुलगी है। अब राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की सी प्रमाणपत्र परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया है। दिल्ली में छपे पेपर के लीक होने का दंश प्रदेश के चार जिलों के परीक्षा देने वाले कैडेट्स को झेलना पड़ा। रविवार को होने वाली परीक्षा में 550 के करीब अभ्यर्थियों को बिना परीक्षा दिए घर लौटना पड़ा। पेपर लीक फिर से प्रदेश के चंबा जिले के डलहोजी, कांगड़ा-धर्मशाला, हमीरपुर व ऊना जिले के कैडेट्स की तैयारी पर पानी फेर गया है। चंद लोगों की गलत तरीके से सी प्रमाणपत्र पाने की चाह ने मेहनतकश कैडेट्स की उम्मीदों को धराशायी कर दिया है। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है। किसी न किसी रूप में पेपर लीक होने का भूत कई प्रतिभाओं को लील चुका है। प्रदेश का जिक्र करें तो पुलिस भर्ती पेपर लीक होने का मामला किसी से छिपा नहीं है। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड के पेपर लीक हुए तो इस बोर्ड को सरकार ने भंग करने तक का कड़ा निर्णय लिया। अब एनसीसी के सी प्रमाणपत्र के प्रश्न पत्र का लीक होना एक बार फिर व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर गया है। संबंधित आयोजक इकाइयों को इस दिशा में सख्ती से कदम उठाने की जरूरत है।
सरकारी नौकरियों में कैडेट्स को मिलती है छूट : अरुण कौशल
एनसीसी के कैडेट रहे अरुण कौशल ने बताया कि एनसीसी सी प्रमाणपत्र के कैडेट्स को कई लाभ मिलते हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में एनसीसी सी प्रमाणपत्र धारकों को परीक्षा के अधिकतम अंकों का पांच फीसदी बोनस अंक, अर्धसैनिक बलों यानी बीएसएफ़, सीआईएसफ, सीआरपीएफ, एसएसबी आदि सैनिक जीडी में भर्ती में 10-15 बोनस अंक मिलते हैं। सेना में क्लर्क एवं तकनीकी पदों के लिए बिना किसी प्रवेश परीक्षा के लिए नियुक्ति में भी सी प्रमाणपत्र फायदेमंद है। कुल मिलाकर इससे सरकारी नौकरियों में अच्छी छूट कैडेट्स को मिलती है। सी प्रमाणपत्र की परीक्षा तीन साल के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद ली जाती है।