नारी (ऊना)। जिले के स्कूलों में पंजाबी विषय की पढ़ाई 22 स्कूलों में जुगाड़ के सहारे ही चल रही है। पंजाब राज्य के साथ सट्टा होने के कारण क्षेत्र के जिले में केवल 37 स्कूलों में ही पंजाबी विषय विभाग द्वारा स्वीकृत हैं।
पंजाब के साथ लगते क्षेत्र के युवाओं के लिए पंजाबी विषय पढ़ना अधिक महत्व रखता है, परंतु यहां 22 स्कूलों में पंजाबी के अध्यापक ही नहीं है। हैरानी की बात तो यह है कि 14 वर्ष से किसी भी पंजाबी अध्यापक की आज तक नियुक्ति नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार पंजाब के साथ लगते इस जिले की भाषा भी पंजाबी के साथ मिलती-जुलती है। इसी कारण इसे देखते हुए 37 स्कूलों में पंजाबी विषय तो पढ़ाया जा रहा है। कुछ स्कूलों में जहां बच्चे पंजाबी पढ़ना चाहते हैं, वहां कोई दूसरा अध्यापक जो पंजाबी की जानकारी रखता है, वही काम चला रहा है। विद्यार्थी और अभिभावक चाहते हैं कि पंजाबी भाषा का ज्ञान दिया जाए। जिला में पंजाबी अध्यापकों के लिए केवल 37 पद स्वीकृत हैं, इनमें से केवल 15 स्कूलों में ही अध्यापक सेवाएं दे रहे हैं। 22 पद खाली पड़े हैं, इस ओर न विभाग और न ही सरकार का ध्यान है। ऐसी स्थिति में स्कूलों के दूसरे शिक्षक ही विद्यार्थियों को पंजाबी विषय की पढ़ाई करवाने को मजबूर हैं।
ध्यान रहे की कक्षा 6 से 8 कक्षा तक पंजाबी विषय ड्राइंग के साथ विकल्प है। कक्षा नौवीं से दसवीं तक पंजाबी के मुकाबले विकल्प में संस्कृत विषय है। कई विद्यालयों में पंजाबी अध्यापकों का पद सृजत ही नहीं है, लेकिन बच्चे पंजाबी पढ़ रहे हैं। हरोली विधानसभा क्षेत्र में 15 ऐसे स्कूल हैं। जहां पंजाबी अध्यापक के पद सृजत हैं, लेकिन पढ़ने वाला बच्चा ही कोई नहीं। अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन कमेटी के प्रधानों ने यह मांग की है कि जहां विद्यार्थी पंजाबी पढ़ना चाहते हैं। वहां पर पद सृजित किए जाएं। स्कूल प्रबंधन कमेटी में से सुशील कुमार, महेश चंद, नरेश कुमार, सुमन कुमारी, साधुराम, सतपाल, राधे कृष्णा, हर्ष कुमार, ममता रानी ने पंजाबी पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अध्यापकों की तैनाती करने की सरकार से मांग की है। जिला पंजाबी अध्यापक संगठन के जिला अध्यक्ष बेअंत सिंह का कहना है कि जिस विद्यालय में 10 बच्चे पंजाबी पढ़ना चाहते हैं। प्रशासन वहां पंजाबी अध्यापकों के पद सृजित करके अध्यापकों की शीघ्र नियुक्ति करे। वहीं, 15 विद्यालयों में पद सृजित हैं।
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पंजाबी विषय के अध्यापकों की नियुक्ति से जुड़ा हुआ मामला विभाग के संज्ञान में है। खाली पदों का विवरण विभाग को पहले भेजा जा चुका है। जैसे ही नियुक्तियां होगी, उन्हें तत्काल अमल में लाया जाएगा।
सोम लाल धीमान, शिक्षा उपनिदेशक, एलिमेंट्री जिला ऊना
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पंजाबी और उर्दु शिक्षकों के खाली पदों की समस्या सरकार के ध्यान में है। विभाग से आंकड़े लेकर कैबिनेट में पेश करके चर्चा की जाएगी और समस्या का समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा।
- रोहित ठाकुर, शिक्षा मंत्री