मुबारिकपुर (ऊना)। दियोली गांव में माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण नाम संकीर्तन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। संत बाबा बाल ने भक्तों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। बाबा बाल ने प्रवचनों की अमृत वर्षा करते हुए कहा कि मनुष्य को जीवन में प्रभु नाम सिमरन करते रहना चाहिए। कलियुग में केवल भगवान का नाम ही मनुष्य को इस भवसागर से पार कर सकता है। भागवत कथा हमें सिखाती है कि मनुष्य को कभी भी अभिमान नहीं करना चाहिए। इस अवसर पर वृंदावन से आए कथावाचक पंडित मनी प्रसाद ने प्रथम दिवस की कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का सनातन धर्म में खास महत्व है। शास्त्रों में बताया गया है कि पहली बार कथा श्रवण मात्र से ही राजा परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई और उनका अकाल मृत्यु से बचाव हुआ था