ऊना। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ऊना अशोक कुमार कलशी का कहना है कि देशभर में हर साल लगभग 1.5 लाख लोगों की जान सिर्फ सड़क हादसों के कारण ही जा रही है। हिमाचल में भी रोजाना प्रतिदिन चार से आठ लोगों की जान सड़क हादसे के कारण चली जाती है। यह बात उन्होंने ऊना में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान पर आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए रोड सेफ्टी सैल, परिवहन और पुलिस विभाग समय-समय पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाते हैं। उन्होंने कहा इस बताया कि परिवहन विभाग की तरफ से 15 जनवरी से 14 फरवरी तक सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इसमें पुलिस, चिकित्सा, लोक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग सहित सभी हितधारक विभागों को शामिल किया गया है। इनके माध्यम से जमीनी स्तर तक इस विषय को पहुंचाने के लिए जोर दिया जा रहा है। अभियान के तहत मालवाहक वाहनों में रेट्रो रिफ्लेक्टिंग टेप लगाकर चालकों को यातायात नियमों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
कार्यशाला में सभी हितधारक विभागों के लगभग 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें रवि कुमार एनआईसी ऊना ने लोक निर्माण विभाग के ऊना, मैहतपुर, जोल, हरोली, दौलतपुर गगरेट उपमण्डलों परिवहन विभाग व हिमाचल पथ परिवहन निगम ऊना, सीएमओ ऊना, पुलिस विभाग के सदर व महिला थाना ऊना, अम्ब व हरोली थाना के उपस्थित प्रतिभागियों को आईआरएडी में वर्तमान सॉफ्टवेयर प्रणाली ई-डीएआर के बारे में जागरुक किया गया।
डाटा अपलोड़ करने की दी जानकारी
कार्यशाला में विभिन्न विभागों को एमओआरटीएच सॉफ्टवेयर पर डाटा अपलोड करने की दी। इसमें पुलिस विभाग को एक्सीडेंट डाटा, पीडब्ल्यूडी को ब्लैक स्पॉट डाटा और स्वास्थ्य विभाग को एक्सीडेंट व दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति का डाटा अपलोड करने बारे जानकारी दी गई। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ऊना ने डाटा की उपयोगिता और आने वाले समय में इसके फायदों को भी गिनाया।