चिंतपूर्णी (ऊना)। श्रावण अष्टमी मेले की अष्टमी तिथि को 42 हजार श्रद्धालुओं ने मां चिंतपूर्णी के दरबार में शीश नवाया और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। मंदिर रात एक बजे भक्तों को दर्शनों के लिए खोल दिया गया। दिनभर मंदिर में भक्तों की लाइनें लगी रहीं। शाम के समय श्रद्धालुओं की घर वापसी के चलते लाइनें घटी। लंगर लगाने वाली ज्यादातर संस्थाओं ने अपने सामान समेट लिया है लेकिन अभी भी पर्याप्त भंडारे लगे हुए हैं। ज्यादातर भंडारे वाली संस्थाओं ने अष्टमी के दिन माता के मंदिर में झंडा प्रसाद चढ़ा कर विदाई भी कर ली । शंभू बैरियर से शीतला मंदिर तक लगे ज्यादातर भंडारे वीरवार को समाप्त हो गए। श्रद्धालुओं की रौनक भी कम हुई। श्रद्धालु तीन से पांच घंटे बाद मंदिर पहुंच रहे थे। श्रद्धालुओं के जयकारे दिन भर सुनाई देते रहे। दूसरी ओर सुगम दर्शन प्रणाली से भी काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि अष्टमी के दिन 42 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया और पूजा अर्चना कर मेले से विदाई ली। मेला पुलिस अधिकारी अजय राणा ने बताया कि अष्टमी के दिन पुलिस जवानों ने व्यवस्था सुचारु बनाए रखी।